PM श्री केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 1, बालेश्वर की समृद्ध एवं गौरवशाली विरासत वर्ष 1972 से जुड़ी हुई है। इस विद्यालय की स्थापना प्रूफ एंड एक्सपेरिमेंटल एस्टैब्लिशमेंट (PXE), बालेश्वर के संरक्षण में रक्षा कर्मियों एवं उनके परिवारों की लंबे समय से चली आ रही शैक्षिक आकांक्षाओं को पूरा करने के उद्देश्य से की गई थी। विद्यालय की स्थापना रक्षा कर्मचारियों के बच्चों को समान, गुणवत्तापूर्ण एवं समग्र शिक्षा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में की गई थी। रक्षा कर्मियों की सेवा की स्थानांतरणीय प्रकृति के कारण उन्हें अक्सर देश के एक भाग से दूसरे भाग में स्थानांतरित होना पड़ता था।
रक्षा कर्मियों के लगातार स्थानांतरण के कारण उनके बच्चों की शिक्षा में निरंतरता एवं एकरूपता बनाए रखना अक्सर एक चुनौती होती थी। केंद्रीय विद्यालय प्रणाली की परिकल्पना इसी आवश्यकता को पूरा करने के लिए की गई थी, जिसके माध्यम से एक समान शैक्षिक ढाँचा, एक समान पाठ्यक्रम तथा देशभर में शिक्षा को निर्बाध रूप से जारी रखने के अवसर उपलब्ध कराए जा सकें। इसी दृष्टिकोण के अनुरूप, बालेश्वर स्थित इस विद्यालय ने एक अस्थायी भवन में सीमित कक्षाओं के साथ अपनी यात्रा प्रारंभ की। बुनियादी सुविधाएँ सीमित थीं, लेकिन शिक्षा के उद्देश्य एवं प्रतिबद्धता में कोई कमी नहीं थी।
समय के साथ विद्यालय ने उल्लेखनीय विकास एवं परिवर्तन देखा है। PXE कर्मियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करने के उद्देश्य से शुरू हुई यह छोटी-सी पहल धीरे-धीरे जिले के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में से एक के रूप में विकसित हुई। समय के साथ विद्यालय की शैक्षिक सेवाओं का विस्तार PXE कर्मियों के बच्चों से आगे बढ़कर इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (ITR), अन्य केंद्रीय सरकारी विभागों, राज्य सरकार के प्रतिष्ठानों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) तथा केंद्रीय विद्यालयों में प्रवेश संबंधी प्रावधानों के अनुसार अन्य पात्र श्रेणियों के कर्मचारियों के बच्चों तक हुआ।